★ ग्रामीण प्राथमिक उपचारक के रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदन करने वाले डिप्लोमा/सर्टिफिकेट धारक को अवगत कराना है कि जिन लोगो का वर्ष 2021 से मई 2022 तक रजिस्ट्रेशन नही किया गया है, उपरोक्त सभी आवेदन पर जून 2022 से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया प्रारम्भ हो जायेगी। अधिक जानकारी के लिए काउंसिल की रजिस्टर्ड    ई-मेल- firstaidparamedicalcouncil@gmail.com पर मेल भेज सकतें हैं
★ किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से प्राथमिक उपचार करने हेतु डिप्लोमा/सर्टिफिकेट उत्तीर्ण इच्छुक लोग ग्रामीण प्राथमिक उपचार केन्द्र के माध्यम से रुरल फर्स्ट ऐड प्रोवाइडर एंव प्राइमरी हेल्थ एडवाइजर के रुप में कार्य करनें हेतु रजिस्ट्रेशन प्रारम्भ हो गया है। इच्छुक लोग स्वंय अथवा अपने सम्बन्धित संस्थान पर सम्पर्क कर सकतें हैं।

FIRST AID PARAMEDICAL COUNCIL OF INDIA

FIRST AID PARAMEDICAL COUNCIL OF INDIA is devoted to save the lives of the rural people from any accident or sudden illness by providing first aid and advice through its first aid provider/ rural health advisor as we know Every year in India, according to government figures, around 200,000 people die from road traffic accidents. In the past decade alone, more than 5 million Indians have been severely injured or are now living with a disability from road traffic accidents.

Government data shows that 50 percent of road traffic deaths in India could have been prevented, had the injured received first aid within the first hour after the accident. However, many accident victims are unable to access timely care and prevent further disability due to the lack of first aid medical care & emergency medical services in many parts of the country especially in rural area of the India .

प्राथमिक उपचार केन्द्र के पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) हेतु (उ0प्र0) सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना एंव दिशा- निर्देश के सन्दर्भ में-

आप समस्त ग्रामीण प्राथमिक उपचारक को सादर अवगत कराना है कि आप द्वारा उ0प्र0 के विभिन्न जनपदों में संचालित फर्स्ट ऐड प्रोवाइडर प्राइमरी हेल्थ एडवाइजर सेन्टर का कुशल संचालन किया जा रहा है किन्तु प्राथमिक उपचार केन्द्रो के संचालन हेतु सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) के सन्दर्भ में उ0प्र0 सरकार के किसी स्पष्ट दिशा-निर्देश के जानकारी नही होने के कारण तरह-तरह आंशका बनी रहती है। जबकि शासन के दिशा-निर्देश में सम्बन्धित जनपद में मुख्य चिकित्सक अधिकारी कार्यालय में पंजीयन हेतु क चिकित्सालय, पैथालाँजी सेन्टर, डिस्पेन्सरी, रिसर्च सेन्टर, डायग्नोस्टिक सेन्टर आदि के संचालन हेतु पंजीयन अनिवार्य है।

रूरल हेल्थ फाउंडेशन द्वारा प्राथमिक उपचार केन्द्र के संचालन हेतु सम्बन्धित जनपद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय एंव प्रदेश स्वास्थ्य कार्यालय में पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) अथवा विशेष लाइसेन्स हेतु दिशा-निर्देश एंव प्राथमिक उपचार सहित 14 बिन्दुओं पर फाउंडेशन के कानूनी सलाहकार के माध्यम से दिनांक-21/01/2021 रजि0 ED796619707IN के क्रम में जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत सूचना मांगी गयी। उक्त मांगी गयी सूचना क के क्रम में उ0प्र0 शासन द्वारा सख्या- 408/अनु-1/2021 दिनांक- 30 मार्च 2021 को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि आप द्वरा माँगी गयी सूचना (जो First Aid Service आदि से सम्बन्धित जानकारी) के सन्दर्भ में सम्बन्धित जनसूचना अधिकारी को नियमानुसार जानकारी उपलब्ध करानें हेतु निर्देशित दिया गया है।

पुनः दिनांक पत्रांक क्रम सं0- 155 सूचना अधिनियम 05(8)/2009 दिनांक 19 मई 2021 को शासन द्वारा हमें पत्र भेज कर अवगत कराया गया कि प्राथमिक उपचार एंव प्राथमिक उपचार केन्द्र के संचालन हेतु जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय एंव अन्य प्रदेश स्वास्थ्य कार्यालय में किसी भी प्रकार की पंजीयन (रजिस्ट्रेशन), लाइसेंस आदि की आवश्यकता नही है, एंव शासन के द्वारा पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) , लाइसेंस हेतु अधिनस्थ को कोई दिशा- निर्देश नही दिया गया है, तथा उ0प्र0 में प्राथमिक उपचार देने हेतु शासन द्वारा किसी भी प्रकार की कोई रोक नही है।
अतः काउन्सिल आपसे अपेक्षा रखता है कि भारत सरकार एवं उ0प्र0 सरकार द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों का उल्लंघन आप द्वारा नहीं करते हुये उ0प्र0 के ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने हेतु फर्स्ट ऐड प्रोवाइडर एंव प्राइमरी हेल्थ एडवाइजर सेन्टर के माध्यम से प्राथमिक उपचार करते हुये ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनानें हेतु अपना निरन्तर योगदान देते रहेंगे।

प्राथमिक उपचार केन्द्र के पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) हेतु (उ0प्र0) सरकार से माँगी गयी सूचना

Girl in a jacket

प्राथमिक उपचार केन्द्र के पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) हेतु (उ0प्र0) सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना

Girl in a jacket

फर्स्ट ऐड प्रोवाइडर एवं प्राइमरी हेल्थ एडवाइजर सेन्टर के माध्यम से प्राथमिक उपचारक द्वारा किया जाने वाला कार्य-

A. प्राथमिक उपचार –
प्राथमिक उपचार द्वारा किसी भी दुर्घटना ग्रस्त अथवा अचानक बीमार व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देकर उसे होने वाली क्षतियों/तकलीफों को कम करना एवं उसकी प्राण रक्षा करना एक प्राथमिक उपचारक को पीड़ित व्यक्ति की रक्षा करना, उसको ओर अधिक क्षति से बचाना तथा स्थिति बिगड़ने से रोकना, जहाँ तक संभव हो सके, पीड़ित की क्षमता बनाये रखने के लिए उसे ज्यादा से ज्यादा आरामदेह स्थिति में लाना तथा घायल व्यक्ति को जल्दी से जल्दी विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं के अन्तर्गत लाना इन निम्न बातों को ध्यान में रखते हुए कार्य करना चाहिए । जिससे घायल व पीड़ित व्यक्ति को आरामदेह स्थिति में लाते हुए उसकी प्राण रक्षा की जा सके ।

B. संक्रामक एवं अन्य बीमारियाँ –
संक्रामक एवं अन्य बिमारियों जैसे- मलेरिया, टाइफाइड, हैजा, निमोनिया, पेचिस, चेचक, खसरा, टी०बी०, पीलिया, डेंगू, सर्दी जुकाम, मौसमी बुखार, फोड़ा, फुन्सी आदि बीमारियों की प्राथमिक स्तर पर पहचान बचाव एवं रोकथाम करना -संक्रामक रोगों को भी मनुष्य के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है ज्यादा प्रभावित होने पर लोगो की मृत्यु तक हो जाती है । एक प्राथमिक उपचारक को कार्य है कि संचारी रोग व अन्य बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति का निदान करते हुए रोग की प्राथमिक स्तर पर पहचान करनी चाहिए तथा लोगों को संक्रामक रोगों के बचाव एवं रोकथाम हेतु जानकारी देना चाहिये ।

C. एंटीबायोटिक दवाइयाँ – चिकित्सक द्वारा दिये गये परामर्श के अनुसार निर्धारित समय तक एंटीबायोटिक दवाइयां लिए जाने चाहिए, क्योंकि अधिक समय तक लेने पर उनके दुष्प्रभाव बहुत अधिक बढ़ जाते हैं और यदि रोगी कम समय तक औषधि लेता है, तो संक्रमण पूर्ण रूप से ठीक नहीं हो पाता है और और एंटीबायोटिक्स बंद कर देने के बाद पुनः संक्रमण हो जाता है और बार-बार अपूर्ण एंटीबायोटिक्स कोर्स देने के कारण धीरे-धीरे जीवाणुओं पर एंटीबायोटिक्स प्रभावहीन हो जाते हैं | इसके बारे में आमजन को आवश्यक जानकारी देना।

D. परिवार नियोजन –
एक प्राथमिक उपचारक को लोगों को परिवार नियोजन के महत्व को बताना चाहिए । जनसँख्या नियन्त्रण के उद्देश्य एवं जन्म नियन्त्रण के स्थाई व अस्थाई साधनों जैसे- महिला नसबन्दी, पुरुष नसबन्दी, कन्डोम, कॉपर टी, गर्भ निरोधक गोलियां आदि का उपयोग करते हेतु लोगो को सही जानकारी देना एवं कच्ची आयु (16-19) वर्ष में गर्भधारण और प्रसव, कम जमान्तर में बार-बार गर्भधारण और प्रसव, असीमित परिवार, कुपोषण, योनि रोग आदि निम्न सामाजिक और आर्थिक अवस्था से जुड़े होने के साथ स्त्री स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी देना चाहिए। अतः सीमित और नियोजित परिवार स्त्री के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए परिवार नियोजन के साधनों के उचित प्रयोग हेतु लोगो को सही जानकारी देना एवं प्रोत्साहित करना चाहिए ।

E. टीकाकरण-
टीके का हमारे जीवन पर विशेष महत्व है । विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोग जैसे :- पोलियोमायलाइटिस, क्षय रोग, खसरा, डिप्थीरिया, काली खाँसी, टिटनेस आदि बच्चों के लिए बहुत ही घातक या जानलेवा होते हैं । इन रोगों के प्रभाव को टीके द्वारा रोका जा सकता है । अतः एक प्राथमिक उपचारक को लोगों को टीके के महत्व को बताते हुए टीकाकरण कराने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए तथा टीकाकरण न कराने पर होने पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के बारें में लोगो को जानकारी देनी चाहिए ।

F. प्राथमिक स्तर पर रोगों की पहचान एवं उचित परामर्श देना –
प्राथमिक स्तर पर गम्भीर रोग जैसे- मधुमेह, ब्लड प्रेशर, कैंसर, एड्स, यकृत (लीवर), वृक्क (गुर्दा), फेफड़ा ,दिल, पेट, श्वास नली, पाचन नली, आदि से सम्बन्धित रोक की प्राथमिक स्तर पर पहचान कर चिकित्सक से इलाज कराने हेतु उचित परामर्श देना जिससे प्राथमिक स्तर पर गम्भीर बीमारी की पहचान होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा उपचार कर रोग को ठीक किया जा सके।

 ग्रामीण स्वास्थ सेवा में प्राथमिक उपचार को बेहतर बनाने हेतु काउंसिल द्वारा चलाये जा रहे सदस्यता कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रशिक्षित ग्रामीण प्राथमिक उपचारक (Rural First Aid provider) के पंजीयन हेतु अर्हताएं-

वह महिला/पुरुष जो-

  • भारत का नागरिक हो ।
  • किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से प्राथमिक उपचार हेतु डिप्लोमा / सर्टिफिकेट का सफलतापूर्वक कोर्स कर चुके हों।
  • प्राथमिक उपचारक की आयु न्यूनतम 21 वर्ष व अधिकतम 60 वर्ष होना चाहिए।
  • किसी भी स्वास्थ केन्द्र में प्रशिक्षित चिकित्सक के साथ कम से कम छः माह का कार्यानुभव होना चाहिए ।
  • व्यक्ति मानसिक व शारीरिक रुप से स्वस्थ हो ।
  • न्यायालय द्वारा दण्डित व अपराधी घोषित न किया गया हो ।

फार्म के साथ सलग्न करें-

  • हाईस्कूल , इंटरमीडिएट , आधार कार्ड , प्राथमिक उपचार हेतु डिप्लोमा सर्टिफिकेट अंकपत्र , प्रमाण पत्र , आई कार्ड ( की छायाप्रति स्वप्रमाणित )
  • सर्टिफिकेट (ग्रामीण स्वास्थ के क्षेत्र में यदि कोई प्राथमिक उपचार के अलावा कोर्स किया हो)
  • 100 रु. के स्टम्प पेपर पर नोटरी शपथ पत्र (मूल कापी रजि0 डाक द्वारा भेजे या स्वंय से जमा करें।
  • पासपोर्ट साइज का कलर फोटो
  • पंजीयन शुल्क – 8600/ रु. ड्राफ्ट/चेक/नगद अथवा A/C के माध्यम से (बैंक रसीद के साथ) अप्रतिदेय “नॉन रिफंडेबल”

Note – उपरोक्त जानकारियों को 100 रु. के स्टम्प पेपर पर शपथपत्र के साथ आवेदन करने पर काउंसिल फर्स्ट ऐड प्रोवाइडर एंड प्राइमरी हेल्थ एडवाइजर को (विधिपूर्वक) यथासंभव सहायता देगा । उक्त प्राथमिक उपचारक द्वारा विधि विरुद्ध कोई भी कार्य करने पर कौंसिल की कोई भी जिम्मेदारी नही होगी , समस्त जिम्मेदारी प्राथमिक उपचारक की होगी।